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The demand for bihar teachers’ leave: बच्चों के स्कूल बंद होने पर शिक्षकों की छुट्टी की मांग, क्या बिहार प्रशासन सहमत होगा?

The demand for bihar teachers’ leave: बिहार शिक्षा विभाग,गर्मी की छुट्टी पर शिक्षकों की मांग सुर्खियों में |

Bihar Education Department: बच्चों के स्कूल बंद होने पर शिक्षकों की छुट्टी की मांग, क्या बिहार प्रशासन सहमत होगा?

The demand for bihar teachers’ leave: गर्मी के दौरान सरकारी स्कूलों को बच्चों के लिए बंद करने का निर्णय लिया गया है। इस निर्णय के अनुसार, 8 जून तक बच्चों को छुट्टी दी जा रही है, लेकिन शिक्षकों के लिए स्कूल खुले रहेंगे। वैशाली और बेतिया के जिला शिक्षा पदाधिकारी ने इस बारे में पत्र जारी किया है।

The demand for bihar teachers’ leave: इस मामले में, टीईटी प्रारंभिक शिक्षक संघ के प्रदेश संयोजक राजू सिंह ने यह पूछा कि क्या शिक्षकों की मानवीयता को ध्यान में रखा जा रहा है? उन्होंने इस निर्णय का समर्थन भी किया।यह समस्या उठते ही बच्चों के बेहोश होने के घटनाओं के बाद सीएम नीतीश कुमार ने सरकारी स्कूलों में शिक्षण कार्य को रोकने का आदेश दिया। इस पर, शिक्षकों की भावनाओं को भी माननीय मुख्यमंत्री ने संज्ञान लिया है।

शिक्षक संगठन की मांग

The demand for bihar teachers’ leave : राजू सिंह ने कहा कि शिक्षकों को लगातार जो प्रताड़ित करने का दौर चल रहा है, उस पर सीएम नीतीश से बिहार के सभी शिक्षक उम्मीद रखते हैं कि आप हमारी समस्याओं के बारे में भी सोचेंगे। सुबह छह बजे महिला शिक्षकों को स्कूल जाने में काफी परेशानी होती है। चिलचिलाती धूप में दोपहर डेढ़ बजे स्कूल से घर पहुंचने में परेशानी होती है। इन सभी मुद्दों के बारे में शिक्षक समाज काफी आहत है।

सीएम नीतीश से हमारी समस्याओं का संज्ञान लेने का आग्रह है और उनकी सहायता से हमारे समस्याओं का समाधान किया जाए।

The demand for bihar teachers’ leave : बिहार प्रारंभिक युवा शिक्षक संघ के प्रदेश संयोजक दीपांकर गौरव ने एक आवाज उठाई है जो कि बिहार के शिक्षकों के बारे में है। उन्होंने कहा कि जैसे बच्चों को ग्रीष्मावकाश मिला है, ठीक उसी तरह शिक्षकों को भी इसका लाभ मिलना चाहिए। वे सीएम नीतीश के साथ हाथ जोड़कर और शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव के प्रति प्रार्थना करते हैं कि इस दिशा में उचित कदम उठाया जाए।

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The demand for bihar teachers’ leave : गौरव ने यह भी उठाया कि गर्मियों में शिक्षकों ने अपना सर्वोत्तम प्रयास दिखाया है और बिहार के शिक्षा सिस्टम को सुधारने के लिए मेहनत की है। इसलिए, उन्हें भी ग्रीष्मावकाश में छुट्टी मिलनी चाहिए। अगर शिक्षकों को भी स्कूल बंद कर दिया जाए, तो इससे उन्हें न केवल विश्राम का समय मिलेगा बल्कि उनका मानसिक स्वास्थ्य भी सुधरेगा।उन्होंने दूसरी बात भी कही कि सरकारी स्कूलों को गर्मियों में बंद करने का निर्णय सही है, क्योंकि भारतीय गर्मी बच्चों के लिए बहुत हानिकारक हो सकती है। इसमें शिक्षकों की सुरक्षा का भी ध्यान रखा जा रहा है।

The demand for bihar teachers’ leave : गौरव गौरतलब से बताते हैं कि शिक्षकों को छुट्टी दी जानी चाहिए ताकि वे भी अपने शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का ख्याल रख सकें। उनके अनुसार, शिक्षकों के लिए भी स्कूल बंद कर देना बहुत महत्वपूर्ण है। इससे उनका प्रताड़ना से मुक्ति मिलेगी और वे बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे।विभिन्न शिक्षक संघों ने भी इस मुद्दे पर अपनी आपत्ति जताई है। उन्होंने शिक्षकों की मांगों का समर्थन किया है और बिहार सरकार से इस बारे में चर्चा की है।

इस समस्या को देखते हुए बिहार सरकार को भी इस पर विचार करने की आवश्यकता है। शिक्षकों की सुरक्षा और कल्याण के लिए सही कदम उठाना जरूरी है ताकि उन्हें अच्छे संदर्भ में अध्यापन का काम करने में सामर्थ्य मिल सके।

Bihar Education Department: बच्चों के स्कूल बंद होने पर शिक्षकों की छुट्टी की मांग, क्या बिहार प्रशासन सहमत होगा?

केके पाठक ने दिए हैं निर्देश

The demand for bihar teachers’ leave : वैशाली और बेतिया के जिला शिक्षा पदाधिकारी के पत्र से स्पष्ट होता है कि शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने यह आदेश दिया है। वैशाली के जिला शिक्षा पदाधिकारी ने जो पत्र जारी किया है, उसमें इस बात का जिक्र है कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई बैठक में केके पाठक ने यह निर्देश दिया है। स्कूलों में शिक्षक पहले की तरह ही निर्धारित समयानुसार आएंगे व विद्यालय में उपस्थित होकर परीक्षा की कॉपी जांचेंगे, गैर शैक्षणिक कार्यों का निष्पादन करेंगे।

शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए केके पाठक ने बीते महीनों में एक के बाद एक कई फैसले लिए हैं, जिसमें कई फैसलों पर विवाद भी हुआ है। इस ताजा फैसले पर भी विवाद हो सकता है।

30 मई से 8 जून तक स्कूल बंद

The demand for bihar teachers’ leave: बिहार सरकार ने भीषण गर्मी के कारण सरकारी और निजी स्कूलों को 30 मई से 8 जून तक बंद रखने का निर्णय लिया है। इस निर्णय का उद्देश्य है कि गर्मी के मौसम में बच्चों की सेहत को बचाव किया जाए। यह निर्णय कई स्कूलों में छात्रों की तबीयत बिगड़ने और बेहोश होने के बाद लिया गया है। सरकार ने यह फैसला स्कूलों की सुरक्षा के लिए भी लिया है ताकि बच्चों को गर्मी की छुट्टी का सही लाभ मिल सके।

The demand for bihar teachers’ leave :इस निर्णय के तहत, स्कूल सिर्फ बच्चों के लिए बंद हैं, जबकि शिक्षकों को स्कूल आना होगा। यह सुनिश्चित किया गया है कि शिक्षकों को विद्यालय में उपस्थित होकर छात्रों की देखभाल करने का काम किया जा सके।

The demand for bihar teachers’ leave :सरकारी स्कूलों में गर्मी की छुट्टी 15 अप्रैल से 15 मई तक थी। इसके बाद, 16 मई से विद्यालयों का नियमित रूप से संचालन हो रहा था। गर्मी की छुट्टी के बाद स्कूलों में शिक्षा कार्य की प्रक्रिया शुरू हो गई थी, लेकिन नए निर्देशों के अनुसार अब फिर से स्कूलों को बंद कर दिया गया है।

इस निर्णय के बाद, अब शिक्षा संबंधित स्थिति में कुछ संशय हैं। कुछ लोगों का मानना है कि यह निर्णय सही है क्योंकि गर्मी के मौसम में बच्चों की सेहत को मामूली खतरा है। वहीं, कुछ लोगों को इस निर्णय पर संशय है क्योंकि इससे शिक्षा की प्रक्रिया पर असर पड़ सकता है। इसलिए, इस निर्णय का समर्थन और विरोध दोनों ही दिशाओं से हो रहा है।

 

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