Site icon DPN

Rameshwaram Cafe Blast: लश्कर आतंकी शोएब मिर्ज़ा उर्फ़ छोटू एनआईए के कब्जे में, रामेश्वरम कैफे ब्लास्ट से जुड़ा मामला |

Rameshwaram Cafe Blast: बेंगलुरु के रामेश्वरम कैफे ब्लास्ट मामले में एनआईए ने लश्कर आतंकी को किया गिरफ्तार, चार राज्यों में 11 जगहों पर छापेमारी |

Rameshwaram Cafe Blast

Rameshwaram Cafe Blast: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शुक्रवार (24 मई) को रामेश्वरम कैफे ब्लास्ट मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए चार राज्यों में छापेमारी के बाद एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के आतंकी के रूप में हुई है। आरोपी का नाम शोएब अहमद मिर्जा उर्फ छोटू (35 वर्ष) है, जो कर्नाटक के हुबली शहर का निवासी है। इस गिरफ्तारी के साथ ही, वह इस मामले में पकड़ा गया पांचवां आरोपी बन गया है। शोएब मिर्जा पहले से ही एलईटी के आतंकी साजिश मामले में संलिप्त रहा है। एनआईए की इस कार्रवाई से आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में एक महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है। एजेंसी की चार राज्यों में की गई छापेमारी से यह स्पष्ट होता है कि आतंकवादियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी है।

एनआईए का कहना है कि ऐसे मामलों में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं, जिससे आतंकी नेटवर्क को पूरी तरह से ध्वस्त किया जा सके।

जेल से रिहा होने के बाद एक नई साजिश जुटा शोएब

Rameshwaram Cafe Blast: एनआईए की जांच में यह खुलासा हुआ कि शोएब मिर्जा, जो पहले लश्कर-ए-तैयबा बेंगलुरु मामले में दोषी ठहराया गया था, जेल से रिहा होने के बाद एक नई साजिश में शामिल हो गया था। जांच के दौरान यह सामने आया कि आरोपी अहमद मिर्जा ने वर्ष 2018 में अब्दुल मथीन ताहा को एक ऑनलाइन हैंडलर से मिलवाया था, जिसके विदेश में स्थित होने का संदेह था। इसके अलावा, अहमद मिर्जा ने दोनों के बीच सुरक्षित और एन्क्रिप्टेड संचार स्थापित करने के लिए एक ईमेल आईडी भी उपलब्ध कराई थी।

Rameshwaram Cafe Blast: एनआईए का मानना है कि इस ईमेल आईडी का उपयोग आतंकी गतिविधियों के समन्वय के लिए किया गया था। यह खुलासा सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि यह बताता है कि जेल से रिहा होने के बाद भी आतंकी अपने नेटवर्क को सक्रिय बनाए रखते हैं और नई साजिशों में शामिल होते रहते हैं। एनआईए की इस जांच से आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई को और सख्त करने की जरूरत पर जोर दिया गया है, ताकि ऐसे आतंकियों को उनके मंसूबों में कामयाब होने से रोका जा सके।

इससे भी पढ़े :- दिल्ली में लोकसभा चुनाव के दौरान विवादित नारों वाली दीवारों की तस्वीरें और FIR की दर्ज़ी |

चार राज्यों में एनआईए ने की छापेमारी

Rameshwaram Cafe Blast: अब्दुल मथीन ताहा को इस मामले में 12 अप्रैल को कोलकाता में एक अन्य आरोपी मुसाविर हुसैन शाजिब के साथ गिरफ्तार किया गया था। एनआईए ने मंगलवार (21 मई) को इस विस्फोट की पूरी साजिश का पर्दाफाश करने और अन्य आरोपियों की पहचान करने के लिए कई राज्यों में छापेमारी की थी। एनआईए की टीम ने कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में कुल 11 स्थानों पर छापेमारी की।

Rameshwaram Cafe Blast: इन छापेमारियों का उद्देश्य आतंकी नेटवर्क को ध्वस्त करना और इसके पीछे के सभी दोषियों को न्याय के कटघरे में लाना था। जांच एजेंसी ने पाया कि ये आरोपी विभिन्न राज्यों में फैले हुए थे और एक व्यापक साजिश का हिस्सा थे। एनआईए की इस व्यापक कार्रवाई से आतंकी गतिविधियों को लेकर कई अहम जानकारियां सामने आई हैं, जिससे आगे की जांच में मदद मिलेगी। एनआईए की इस त्वरित और संगठित कार्रवाई ने देश में आतंकवाद के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों की तत्परता और प्रतिबद्धता को पुनः स्थापित किया है।

Rameshwaram Cafe Blast

एनआईए ने पूरे भारत में 29 जगहों पर की छापेमारी 

Rameshwaram Cafe Blast: बेंगलुरु के ब्रुकफील्ड में आईटीपीएल रोड स्थित कैफे में एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) के जरिए विस्फोट हुआ था, जिसमें कई ग्राहक और स्टाफ सदस्य घायल हो गए थे। 1 मार्च 2024 को बेंगलुरु के रामेश्वरम कैफे में हुए इस ब्लास्ट की जांच के दौरान एनआईए ने पूरे भारत में 29 स्थानों पर छापेमारी की। जांच एजेंसी इस विस्फोट के पीछे की बड़ी साजिश और हैंडलर की भूमिका को लेकर लगातार जांच कर रही है।

Rameshwaram Cafe Blast: एनआईए की यह व्यापक कार्रवाई आतंकी नेटवर्क के हर पहलू को उजागर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। छापेमारी के दौरान एनआईए ने कई संदिग्ध दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं, जो इस साजिश के पीछे के मास्टरमाइंड का पर्दाफाश करने में सहायक हो सकते हैं। एनआईए की इस त्वरित और व्यापक कार्रवाई ने आतंकी नेटवर्क को कमजोर करने और उनके मंसूबों को नाकाम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जांच एजेंसी की लगातार कार्रवाई से यह स्पष्ट होता है कि देश की सुरक्षा एजेंसियां आतंकवाद के खिलाफ पूरी तरह सतर्क और प्रतिबद्ध हैं।

 

इससे भी पढ़े :- वोटिंग डेटा पर सुप्रीम कोर्ट का अहम निर्णय, ADR को 48 घंटे की समयसीमा में झटका | 

Exit mobile version
Skip to toolbar