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Nirmala Sitharaman Press Conference: निर्मला सीतारमण ने दिया ‘बूझो तो जानें’ जवाब , बिहार को विशेष राज्य का दर्जा |

Nirmala Sitharaman Press Conference: निर्मला सीतारमण की पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस , पीएम मोदी के 10 साल में किए गए कामों की संख्यात्मक जांच |

Nirmala Sitharaman Press Conference

Nirmala Sitharaman Press Conference: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की मंगलवार को पटना में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई। इस मौके पर उन्होंने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की।सीतारमण ने इस मौके पर बिहार को विशेष राज्य के दर्जे के सवाल पर कहा कि यह निर्णय सरकारी स्तर पर लिया जाएगा। उन्होंने इस संबंध में सीधा जवाब नहीं दिया और कहा कि जब निर्णय होगा, तब ही कुछ कहा जा सकेगा।इसके अलावा, उन्होंने फाइनेंस कमीशन की सिफारिशों का जिक्र किया और उसके महत्व को बताया। उन्होंने फाइनेंस कमीशन के सुझावों पर विचार किया और इसे सरकारी निर्णय लेने के लिए महत्वपूर्ण माना।सीतारमण की इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनके द्वारा दी गई जानकारियों ने मीडिया और जनता के बीच उत्साह बढ़ाया।

Nirmala Sitharaman Press Conference: निर्मला सीतारमण ने बताया कि फाइनेंस कमीशन की सिफारिश के अनुसार, टैक्स रेट 2014 से लेकर आज तक 32 से 42 प्रतिशत बढ़ गया है। उन्होंने बताया कि जब जम्मू-कश्मीर को रीडिफाइन किया गया, तब यह रेट 41 प्रतिशत हो गया। इस बढ़ती दर से संबंधित, राज्यों को सेंट्रल स्कीम की हिस्सेदारी कम करने की सिफारिश की गई थी। हालांकि, इसके बावजूद भी, सीतारमण ने इसे कम नहीं किया।

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Nirmala Sitharaman Press Conference: इस विषय पर उन्होंने यह भी कहा कि वे स्वतंत्रता के बाद सबसे बड़े टैक्स रेट का चयन कर रहे हैं। उन्होंने इस संदेश को स्पष्ट करते हुए कहा कि रेट बढ़ने की जिम्मेदारी उन्हें थोड़ी है, लेकिन यह बढ़ना परिस्थितियों के आधार पर हो रहा है।

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वित्त मंत्री ने लालू-राबड़ी के कार्यकाल का किया जिक्र

Nirmala Sitharaman Press Conference: पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और जगदानंद सिंह के कार्यकाल की याद दिलाई। उन्होंने बताया कि जंगलराज के समय बिहार की बदहाल आर्थिक स्थिति को कैसे गिनाया गया था।

Nirmala Sitharaman Press Conference: सीतारमण ने इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दस वर्षों के कार्यकाल में किए गए विकास कार्यों की तुलना भी की। इसके बावजूद, जब उनसे पूछा गया कि क्या वे जेडीयू की मांग के समर्थन में हैं, तो उन्होंने न केवल हां कहा और न ही ना कहा। उन्होंने यह बताया कि यह निर्णय सरकारी स्तर पर लिया जाएगा।

वर्षों से हो रही विशेष राज्य के दर्जे की मांग

Nirmala Sitharaman Press Conference: बिहार को विशेष राज्य का दर्जा प्राप्त करने की मांग केंद्र से कई वर्षों से चली आ रही है। इस मांग को पूरा करने में अभी तक सफलता नहीं मिली है। विपक्ष सरकार ने इस मुद्दे पर लगातार सवाल उठाए हैं।

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पटना में निर्मला सीतारमण के दौरे के दौरान, इस मुद्दे पर भी उन्हें सीधे जवाब नहीं मिला। उन्होंने घुमा-फिराकर जवाब देने से बचा और सीधे शब्दों में अपनी बात कह दी।

बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिलने के लिए जनता में यह मांग बहुत पुरानी है। सरकार की देखरेख में इस मुद्दे पर विपक्ष का नजरिया भी कठिन है।

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एक विशेष राज्य के दर्जे मिलन पर राज्य को क्या-क्या फायदे होते हैं

एक राज्य को विशेष राज्य का दर्जा प्राप्त करने के कई फायदे होते हैं।

पहला फायदा है कि विशेष राज्य का दर्जा प्राप्त करने से राज्य को अधिक आर्थिक सहायता मिलती है। इसके साथ ही सरकार को विशेष राज्य के तौर पर विभिन्न अनुदानों और योजनाओं की सुविधा मिलती है जो राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

दूसरा फायदा है कि विशेष राज्य का दर्जा प्राप्त करने से राज्य की सामाजिक और आर्थिक स्थिति में सुधार होता है। इससे राज्य के लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य, और आर्थिक सुविधाएं मिलती हैं जो उनकी जीवनशैली को सुधारने में मदद करती हैं।

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तीसरा फायदा है कि विशेष राज्य का दर्जा प्राप्त करने से राज्य के विकास में तेजी आती है। सरकार को विभिन्न क्षेत्रों में योजनाओं को लागू करने के लिए सहायक अनुदान मिलता है जिससे राज्य का विकास गति से होता है।

 

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