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NASA: तकनीकी समस्या के कारण टले मिशन के बाद सुनीता विलियम्स आज रात नए अंतरिक्ष यान में भरेंगी उड़ान |

NASA: नासा का बयान , सब कुछ सही रहा तो स्टारलाइनर अंतरिक्ष स्टेशन पर करेगा डॉक, सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर करेंगे परीक्षण |

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NASA: अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने घोषणा की है कि यदि सभी प्रक्रियाएं सुचारू रूप से पूरी होती हैं, तो स्टारलाइनर अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर सफलतापूर्वक डॉक कर सकेगा। इस मिशन के तहत, सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर अपने साथी अंतरिक्ष यात्रियों के साथ मिलकर स्टारलाइनर यान और उसके उप-प्रणालियों का परीक्षण करेंगे। नासा के अनुसार, यह परीक्षण लगभग एक सप्ताह तक चलेगा, जिसके दौरान ये अंतरिक्ष यात्री अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन पर रहेंगे।

NASA: इस मिशन का मुख्य उद्देश्य स्टारलाइनर यान की क्षमता और उसकी विभिन्न प्रणालियों की विश्वसनीयता की जांच करना है। सफल परीक्षण के बाद, यह यान भविष्य में नियमित अंतरिक्ष अभियानों के लिए उपयोग किया जा सकेगा। सुनीता विलियम्स और उनकी टीम इस महत्वपूर्ण मिशन का हिस्सा बनकर न केवल यान की क्षमता की पुष्टि करेंगे, बल्कि अंतरिक्ष में मानव उपस्थिति को और मजबूत करने में भी योगदान देंगे। नासा के इस प्रयास से अंतरिक्ष अन्वेषण में नई संभावनाओं के द्वार खुल सकते हैं और इससे भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों को सुरक्षित और सफल बनाने में मदद मिलेगी।

NASA: भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स एक बार फिर अंतरिक्ष में उड़ान भरने के लिए तैयार हैं। वह बोइंग के स्टारलाइनर स्पेसक्राफ्ट से अंतरिक्ष में जाएंगी, जो केनेडी स्पेस सेंटर, फ्लोरिडा से आज रात 10 बजे उड़ान भरेगा। पिछले सात मई को उनकी उड़ान रोक दी गई थी क्योंकि अंतरिक्ष यान के ऑक्सीजन वाल्व में तकनीकी खामी आई थी।

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NASA: यह मिशन उस तकनीकी समस्या के बाद फिर से पुनरारंभ हो रहा है। सुनीता विलियम्स और उसके साथी यात्री अंतरिक्ष में आकाशीय गतिविधियों और उपग्रहों का अध्ययन करेंगे। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य अंतरिक्ष विज्ञान में नई जानकारियों को खोजना और अंतरिक्ष के अनेक पहलुओं का अध्ययन करना है। इससे भारत की अंतरिक्ष यातायात में भी नई उपलब्धियां हो सकती हैं।

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NASA: अमेरिका के स्पेस एजेंसी नासा ने बताया कि यदि सभी काम सही रहा तो स्टारलाइनर अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन पर डॉक कर जाएगा। इसके बाद, सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर अपने साथियों के साथ स्टारलाइनर अंतरिक्ष यान और उसके उप-प्रणालियों का परीक्षण करने के लिए लगभग एक सप्ताह तक स्टेशन पर रहेंगे।

सुनाती विलियम्स के नाम दर्ज है खास रिकॉर्ड

NASA: सुनीता विलियम्स एक अभिज्ञानी अंतरिक्ष यात्री हैं जिन्होंने अपने विशेष योगदानों से स्पेस एक्सप्लोरेशन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। उन्होंने अपनी पहली अंतरिक्ष यात्रा 9 दिसंबर 2006 को शुरू की थी और इस यात्रा के दौरान उन्होंने अद्वितीय अनुभवों को साझा किया। उन्हें अंतरिक्ष में रहते वक्त चार बार स्पेसवॉक करने का अवसर मिला, जिसमें उन्होंने 29 घंटे और 17 मिनट तक विभिन्न कार्यों का परीक्षण किया।

उनकी दूसरी अंतरिक्ष यात्रा 14 जुलाई 2012 को शुरू हुई थी और इस यात्रा के दौरान भी वह नई कई उपलब्धियों को हासिल करने में सफल रहीं। सुनीता विलियम्स के अंतरिक्ष यात्राओं का प्रमुख उद्देश्य वैज्ञानिक अनुसंधान और अंतरिक्ष तकनीक को नई दिशाओं में ले जाना रहा है।

NASA: विलियम्स ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन उनके लिए एक दूसरा घर है जहां उन्होंने अनेक वैज्ञानिक परियोजनाओं में योगदान दिया है। उनकी सफल यात्राओं से उन्होंने भारत का मान बढ़ाया है और देश के युवाओं को अंतरिक्ष अनुसंधान में रुचि बढ़ाने का प्रेरणा दिया है। उनकी यात्राएँ एक प्रेरणास्त्रोत के रूप में काम कर रही हैं और भविष्य के अंतरिक्ष अनुसंधान के लिए महत्वपूर्ण हैं।

तीसरी बार भरेंगी अंतरिक्ष यान में उड़ान

NASA: सुनीता विलियम्स तीसरी बार अंतरिक्ष में उड़ान भरने जा रही हैं। इस मौके पर उनके पास न्यू स्पेस शटल के पहले चालक दल वाले मिशन पर उड़ान भरने वाली पहली महिला के रूप में इतिहास रचने का मौका है। सुनीता ने बताया कि वह थोड़ी सी घबराई हुई हैं, लेकिन नए अंतरिक्ष यान में उड़ान भरने को लेकर उत्साहित हैं। उन्होंने आगे कहा, “जब मैं अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पहुंचूंगी, तो यह घर वापस जाने जैसा होगा।”

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NASA: सुनीता, जिनकी उम्र 59 वर्ष है, ने स्टारलाइल को डिजाइन करने में इंजीनियरों की मदद की है। इस 10 दिन के मिशन में स्टारलाइनर को अपनी अंतरिक्ष योग्यता साबित करने का मौका मिलेगा। इसी के आधार पर उसे नासा प्रमाणन दिया जाएगा। यह मिशन स्पेस विज्ञान के क्षेत्र में एक नया उत्सव है और विलियम्स का योगदान इसमें महत्वपूर्ण है।

NASA: इस यात्रा के दौरान सुनीता को अंतरिक्ष में नए तकनीकी अद्वितीय और आधुनिक प्रणालियों का परीक्षण करने का अवसर मिलेगा। इससे उनके अनुभवों से अंतरिक्ष यात्रा को और भी सुरक्षित और समृद्ध बनाने में मदद मिलेगी। वह नहीं सिर्फ एक उत्कृष्ट अंतरिक्ष यात्री हैं बल्कि एक प्रेरणास्त्रोत भी। उनकी सफलता से हमें यह बात साबित होती है कि नारी शक्ति कोई भी मुश्किल को आसानी से पार कर सकती है।

 

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