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Money Laundering Case: झारखंड के मंत्री आलमगीर पर ED के आरोप, रिमांड नोट में खुलासा |

Money Laundering Case: आरोपित आलमगीर आलम को मनी लॉन्ड्रिंग के केस में गिरफ्तार किया गया, इडी ने कोर्ट में कहा टेंडर कमीशन का पूरा खेल मंत्री के दिशा-निर्देश पर चल रहा था, रिमांड पर भेजा गया |

Money Laundering Case

Money Laundering Case: आलमगीर आलम गिरफ्तार, झारखंड के ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री आलमगीर आलम को मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में ईडी ने छह दिनों की रिमांड पर भेज दिया है। पीएमएलए कोर्ट ने ईडी की अर्जी को स्वीकार करते हुए इसे छह दिनों की रिमांड पर भेज दिया है। यह गिरफ्तारी मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों के संदर्भ में हुई है।

Money Laundering Case: आलमगीर आलम को ED ने धर दिया गया है और उन्हें छह दिनों की ईडी की रिमांड पर भेजा गया है। इस गिरफ्तारी के पीछे मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप हैं, जिन्हें जांच के तहत सामने आया गया है। इस मामले में ED ने पीएमएलए कोर्ट के समक्ष आरोपों की जांच की अनुमति प्राप्त करके आलमगीर आलम को गिरफ्तार कर लिया है।

Money Laundering Case: आलमगीर आलम के खिलाफ जांच के दौरान ED ने विभिन्न साक्ष्यों और सबूतों का संग्रह किया था। उनके निजी सचिव संजीव लाल और नौकर जहांगीर आलम समेत अन्य ठिकानों पर ED ने रेड की थी और बड़ी राशि की नोटों का बरामद किया गया था। इस विवाद के मद्देनजर, आलमगीर आलम को ED द्वारा गिरफ्तार किया गया है और इसे ईडी की रिमांड पर भेजा गया है ताकि उसकी जांच की प्रक्रिया को जारी रखा जा सके।

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Money Laundering Case: ईडी ने रिमांड नोट में आरोप लगाया है कि साल 2023 में गिरफ्तार तत्कालीन चीफ इंजीनियर वीरेन्द्र कुमार राम टेंडर आवंटन के बदले कमीशन लिया करते थे, जिसमें से 1.5 कमीशन मंत्री आलमगीर आलम को जाता था। ईडी ने जांच के दौरान पाया कि साल 2022 में एक असिस्टेंट इंजीनियर के जरिए 3 करोड़ रुपए टेंडर आवंटन के बदले भेजे गए थे। यह गिरफ्तारी का मामला है जो कि निराधारित संबंधित आरोपों के तहत हुआ है।

Money Laundering Case: आरोपों के अनुसार, वीरेन्द्र कुमार राम और अन्यों ने तत्कालीन चीफ इंजीनियर के रूप में अपनी पदस्थापना का दुरुपयोग करते हुए टेंडर आवंटन के बदले अनुचित कमीशन लिया था। यहां तक कि मंत्री आलमगीर आलम तक भी इस गिरफ्तारी का अंश माना गया है क्योंकि उन्हें भी इस कमीशन का बड़ा हिस्सा मिला था। जांच के दौरान, ईडी ने साक्ष्यों और सबूतों को संग्रह किया और इस अपराध में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जरूरत को पहचाना। इस प्रक्रिया के दौरान, एक असिस्टेंट इंजीनियर के माध्यम से 3 करोड़ रुपए के टेंडर आवंटन के बदले कई गलतीयां की गई थीं, जिसे ईडी ने सामने लाया है।

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37 करोड़ रुपए हुए थे बरामद

Money Laundering Case: जांच के दौरान 6 से 8 मई तक मंत्री आलमगीर आलम के निजी सचिव संजीव लाल और उसके नौकर जहांगीर आलम समेत अन्य के 6 ठिकानों पर ED ने रेड की थी। इस रेड के दौरान साढ़े 37 करोड़ रुपए बरामद किए गए थे। जांच में पाया गया कि मंत्री आलमगीर आलम के लिए उसका पीए संजीव लाल पैसों के कलेक्शन का काम करता था।

Money Laundering Case: इस मामले में, ED ने संजीव लाल और उसके साथी जहांगीर आलम के घरों और ठिकानों में रेड की गई थी जिससे बड़ी राशि की नोटों का बरामद हुआ। इसके अलावा, इस जांच में खुलासा हुआ कि संजीव लाल ने मंत्री आलमगीर आलम के लिए पैसों के निकासी का काम किया था। यह खुलासा किया गया कि उनके निजी सचिव बनकर काम करने के बावजूद उन्होंने नौकरी के नाम पर विशेषज्ञता उपयोग किया और उससे आलम के लिए पैसों के कलेक्शन का काम किया। इसे एक साजिश के रूप में देखा जा रहा है जिसमें विभिन्न लोगों के ठिकानों से बड़ी राशि के पैसे निकाले गए।

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आलमगीर आलम हैं मुख्य साजिशकर्ता

Money Laundering Case: जांच के दौरान पाया गया कि आलमगीर आलम टेंडर घोटाले के मुख्य साजिशकर्ता हैं। उन्हें हर टेंडर पर एक फिक्स अमाउंट दिया जाता था। इस घोटाले में आरोपी से पूछताछ के बाद कुछ और सरकारी अधिकारियों की भूमिका की भी जांच करनी है। इसी वजह से ईडी ने दस दिन की रिमांड की मांग की है। जांच के अनुसार, आलमगीर आलम का नाम घोटाले के प्रमुख निर्देशकों के संबंध में आया है, जिन्होंने टेंडरों के लिए निर्धारित राशि को फिक्स करने का आदेश दिया था। जब आरोपी से पूछताछ की गई, तो उसने इस बात का स्पष्टीकरण दिया कि उन्हें सरकारी अधिकारियों के साथ मिलकर काम करने का आदेश मिला था। अब, जांच में यह समझने की जरूरत है कि यह घोटाला किस-किस के साथ चला था और इसमें कौन-कौन शामिल थे। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए ईडी ने दस दिन की रिमांड की मांग की है।

Money Laundering Case: दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद, कोर्ट ने आलमगीर आलम को 6 दिनों की रिमांड पर भेजा है। इस संदर्भ में, झामुमो नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ईडी की गिरफ्त में हैं, जो एक भूमि घोटाले से जुड़े धन शोधन मामले में शामिल हैं। इस मामले में, दोनों पक्षों के बीच बहस है कि कौन वास्तव में जिम्मेदार है और कैसे यह घोटाला हुआ। ईडी ने इस मामले में गहरी जांच की है और आलमगीर आलम के खिलाफ सबूत प्रस्तुत किए हैं, जो उन्हें इस धन शोधन मामले के मुख्य साजिशकर्ता बनाते हैं। इसके अलावा, हेमंत सोरेन का नाम भी इस मामले में लिया जा रहा है, और वह पहले से ही ईडी की गिरफ्त में हैं।

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Money Laundering Case: कोर्ट के आदेश के बाद, आलमगीर आलम को रिमांड पर भेजा गया है ताकि जांच अधिक प्रभावी ढंग से की जा सके और मामले में सच्चाई सामने आ सके। इसके अलावा, हेमंत सोरेन के गिरफ्तार होने से भी इस मामले में गहराई से जांच होने की उम्मीद है। ऐसा माना जा रहा है कि इस घोटाले के माध्यम से बड़ी राशि का धन शोधन हुआ है, जिसे संबंधित व्यक्तियों ने चाहा जाए ताकि इसे छिपाया जा सके।

 

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