Election Fact Check: कांग्रेस से जुड़ी वायरल वीडियो में भगवान राम के पोस्टर को फाड़ने वाली महिलाओं का सच |

Election Fact Check

Election Fact Check:  एक वायरल वीडियो में दिखाया गया है कि एक महिला पोस्टर को रौंद रही है। वीडियो के दावे के अनुसार, ये सभी महिलाएं कांग्रेस के कार्यकर्ता हैं जो संवेदनशीलता से हिंदू देवताओं का अपमान कर रही हैं।

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Election Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें दिखाया जा रहा है कि एक ग्रुप महिलाएं भगवान राम, सीता और हनुमान की तस्वीरों वाले पोस्टर को फाड़ रही हैं। इस वीडियो के साथ कई दावे भी जुड़े हुए हैं, जैसे कि इन महिलाओं का अपमानकारी और धर्मघाती कार्य है। लेकिन इस वीडियो की सच्चाई का पता लगाने के लिए गहरी जाँच आवश्यक है। वीडियो के संदर्भ और पूरी तथ्यांकन के बिना, किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना अधूरा होगा। इसलिए, सच्चाई का खोजना और उसे सही संदर्भ में स्थान देना महत्वपूर्ण है।

 

Election Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक महिला को पोस्टर को रौंदते हुए दिखाया जा रहा है। एक एक्स (पूर्व में ट्विटर) यूजर ने इस वीडियो को पोस्ट करते हुए दावा किया है कि इन महिलाओं का कांग्रेस से संबंध है और वे हिंदू देवताओं का अपमान कर रही हैं। इस दावे की सत्यता की जाँच करने के लिए वीडियो के संदर्भ और सम्पूर्ण तथ्यों का अध्ययन आवश्यक है। बिना पूरी जानकारी और सत्यापन के किसी निष्कर्ष पर पहुंचना गलत हो सकता है। इसलिए, इस वीडियो की सच्चाई की जांच करना महत्वपूर्ण है और सत्यापन के बाद ही कोई निष्कर्ष निकालना चाहिए।

 

कांग्रेस कार्यकर्ताओं के आरोप: सत्यापन की जरूरत

Election Fact Check: एक पोस्ट में दावा किया गया है कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भगवान श्री राम के पोस्टर फाड़े और उन पर डांस किया। हालांकि, जब वीडियो की जाँच की गई, तो पता चला कि इसमें दिख रही महिलाएं कांग्रेस से नहीं, बल्कि भारतीय जनता पार्टी की महिला शाखा – भारतीय जनता महिला मोर्चा से जुड़ी हैं। यह स्पष्ट करता है कि पोस्ट में किये गए आरोपों की सत्यता पर संदेह है। इस घटना की सच्चाई को स्पष्ट करने के लिए यह आवश्यक है कि हम सत्यापन की दिशा में बढ़ें और सही तथ्यों को बताएं। विवेचनात्मक और ठोस तथ्यों के आधार पर ही किसी भी निष्कर्ष पर पहुँचा जाना चाहिए।

ऐसे की वीडियो की पड़ताल

Factcrescendo द्वारा सत्यापित: वीडियो की सच्चाई

Election Fact Check: Factcrescendo की टीम ने वीडियो को ध्यान से देखा और पाया कि इसमें दिखाई गई महिलाओं ने गले में लाल और हरे रंग का स्कार्फ पहन रखा है। ये रंग भारतीय जनता पार्टी के झंडे पर मौजूद रंगों से मेल खाते हैं। इससे स्पष्ट होता है कि वीडियो में दिखाई गई महिलाएं भारतीय जनता पार्टी की महिला शाखा के सदस्य हैं, न कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं। इस तथ्य का प्रमाण है कि पहने गए स्कार्फ के रंग और पार्टी के झंडे के रंग मेल खाते हैं। इससे स्पष्ट होता है कि विडियो के माध्यम से किए गए आरोपों में कुछ ग़लतफ़हमियाँ हैं। इसलिए, सच्चाई की पहचान के लिए सत्यापन आवश्यक है।

महिलाओं का नाराज़ी का वीडियो: नेता जीतू पटवारी के खिलाफ आक्रोश

Election Fact Check: वीडियो में महिलाएं मध्य प्रदेश कांग्रेस नेता जीतू पटवारी के खिलाफ नारे लगा रही हैं। इस घटना की सत्यता की जाँच करते हुए, हमने एक साधारण Google खोज की और हमें फ्री प्रेस जर्नल की ओर से प्रकाशित एक न्यूज रिपोर्ट मिली। इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि महिलाएं जीतू पटवारी के प्रति असंतुष्ट हैं और उनके कार्यों को लेकर नाराज़ हैं। यह वीडियो माध्यम से उनका आक्रोश प्रकट किया गया है। इससे स्पष्ट होता है कि उनका आक्रोश वीडियो में दिखाए गए आरोपों से संबंधित है। इसके अलावा, यह वीडियो उनके संविदानिक अधिकार का एक प्रतिबिम्ब भी प्रस्तुत करता है।

Election Fact Check: भगवान राम के पोस्टर को फाड़ने वाली महिलाएं कांग्रेस की, जानिए वायरल वीडियो का पूरा सच

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बीजेपी कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन: महिला मोर्चा के खिलाफ आवाज़

Election Fact Check: रिपोर्ट के मुताबिक, कांग्रेस के मध्य प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बीजेपी नेता इमरती देवी को लेकर अभद्र टिप्पणी की, जिसके बाद बीजेपी ने उनके खिलाफ प्रदर्शन किया। भाजपा की महिला मोर्चा कार्यकर्ताओं ने 3 मई, 2024 को इंदौर के बिजलपुर में पटवारी के आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान, कार्यकर्ताओं ने हिंदू देवताओं राम, सीता और हनुमान की तस्वीर वाले पटवारी के एक पोस्टर को फाड़ दिया। इस घटना ने उस संवेदनशीलता को उजागर किया है जो राजनीतिक विवादों के दौरान समाज में उत्पन्न होती है। इसके साथ ही, यह प्रदर्शन भी दिखाता है कि राजनीतिक विवादों में महिलाओं की भूमिका और उनका आक्रोश कितना महत्वपूर्ण होता है।

“अपने एक्स हैंडल पर वीडियो पोस्ट करके एमपी कांग्रेस के प्रवक्ता अमित चौरसिया ने एक घटना का आरोप लगाया है, जिसमें महिला मोर्चा कार्यकर्ताओं को भगवान श्री राम और भगवान हनुमान के पोस्टर को रौंदने का आरोप लगाया गया है, जिससे उनकी कांग्रेस के प्रति अपनी शत्रुता और नाराजगी प्रकट की गई है।”

Election Fact Check: इस आरोप को लेकर सामने आयी वीडियो की जाँच और सत्यापन की जरूरत है। इस तरह की घटनाएं आमतौर पर राजनीतिक दलों के बीच विवादों को और ज्यादा तनावपूर्ण बना सकती हैं, इसलिए सत्यापन बिना किसी पूर्व संकेत के आरोप पर विश्वास नहीं किया जा सकता। इस घटना की पूरी सच्चाई को जानने के बाद ही कोई निर्णय लेना उचित होगा।

भाजपा महिला मोर्चे की शर्मनाक क्रिया: कांग्रेस के प्रति घृणा और नफ़रत का प्रतीक

Election Fact Check: एक वीडियो में देखा जा रहा है कि भाजपा महिला मोर्चे के कुछ कार्यकर्ताएँ कांग्रेस के प्रति अपनी घृणा और नफ़रत का प्रकटीकरण करते हुए प्रभु श्री रामचंद्र जी और हनुमान जी के चित्रों को पेरों तले कुचल रही हैं। इस आपत्तिजनक व्यवहार को वीडियो के माध्यम से जानकर दिलाया गया है। जीतू पटवारी जी के खिलाफ उनके विरोध के चलते प्रभु श्री रामचंद्र जी के चित्रों को भी इन्होंने नष्ट करने में कोई शर्म नहीं महसूस की। इस व्यवहार से सामाजिक समूह को अपमानित किया जा रहा है और यह राजनीतिक विवाद को भी और बढ़ा सकता है। इस प्रकार की शांतिपूर्ण समाज के लिए सही नहीं है।”

“इस घटना की रिपोर्ट बंसल न्यूज़ ने भी की थी, जिसमें बताया गया था कि कांग्रेस ने महिला मोर्चा कार्यकर्ताओं के खिलाफ एमपी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।”

इस रिपोर्ट से सामने आया है कि घटना की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस ने पुलिस दफ़्तर में इस मामले की जांच के लिए शिकायत दर्ज की है।

Election Fact Check:  क्या निकला निष्कर्ष?

जांच के बाद पता चला कि वीडियो में दिख रही महिलाएं कांग्रेस कार्यकर्ता नहीं थीं, बल्कि भारतीय जनता महिला मोर्चा की कार्यकर्ता थीं। यह घटना इंदौर के बिजलपुर में एमपी कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के आवास के बाहर हुई।

 

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